धान की खेती में करिए इस प्रकार सरसों के खली का प्रयोग होगा पौधे की पैदावार दोगुना और आएगी आपके पास भर भर के पैसे
धान की खेती में करिए इस प्रकार सरसों के खली का प्रयोग
धान की खेती में पैदावार बढ़ाने और मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए अगर आप डीएपी यूरिया और पोटाश की मात्रा का लगातार प्रयोग करते रहेंगे तो एक दिन ऐसा आएगा कि आपकी खेत फसल उगाना बंद कर देगी और मिट्टी की उर्वरक शक्ति खत्म हो जाएगी तो आप फसल को कैसे उत्पन्न कर पाएंगे इसके अलावा लगातार खाद के प्रयोग करने से हमारी फसलों की पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं और जो चावल हम पैदा करते हैं वह हमारे भोजन की पोषक तत्वों को खत्म होने के बाद हमारे शरीर के वृद्धि और विकास के लिए अनुकूल नहीं होती। हम रासायनिक खाद की जगह पर सरसों के खाली का प्रयोग कर सकते हैं सरसों की खाली में आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं जो धान की फसल के लिए आवश्यक होते हैं।
सरसों की खली
सरसों की खाली में नाइट्रोजन फास्फोरस और पोटाश तथा सल्फर सूचना पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो धान की पौधे को और कालों को बढ़ाते हैं जड़ों को बेहतर बनाते हैं। चावल की गुणवत्ता को भी बढ़ाते हैं, आज हम इस ब्लॉग में आपको सरसों की खाली के प्रयोग के बारे में जानकारी देंगे।
सरसों की खली क्या होता हैं?
सरसों की खाली सरसों का तेल निकल जाने के बाद बची हुई सामग्री होती है यह जैविक खाद के रूप में मिट्टी को पोषक तत्व प्रदान करती है रासायनिक उर्वरक की निर्भरता को खत्म करने के लिए हमें सरसों की खाली एक विकल्प के रूप में नजर आती है यह धन की खेती में 9 केवल पौधों को वृद्धि और विकास में सहायता करती है बल्कि मिट्टी में सूक्ष्म जीवों को और जीवाणुओं को सक्रिय करने में मदद करती है।
धान में सरसों की खली का उपयोग कैसे करें?
धान में सरसों की खली का उपयोग हम दो प्रकार से कर सकते हैं एक पाउडर या सुख रूप में दूसरा घोल के रूप में
पाउडर रूप में सरसों की खली का प्रयोग
मात्रा -
प्रति एकड़ 18 से 20 किलोग्राम सरसों की खली का प्रयोग करना चाहिए।
विधि :
सरसों की खाली को आप बाजार से आसानी से खरीद सकते हैं इसके अलावा आप अगर गांव या देहात में रहते हैं तो आपके गांव या देहात के आसपास बहुत से तेल तैरने वाली मशीन या सरसों की खाली से तेल निकालने वाली मशीन लगी रहती हैं वहां से आप सरसों की खाली खरीद सकते हैं सरसों की खाली को लेने की बात खाली को महीन बारीक पाउडर में बना ले।
पाउडर बनाने के बाद अपनी धान की फसल में पूरे खेत में बराबर मात्रा में छिड़काव कर दें। याद रहे धाम की फसल में जब आप सरसों की खाली छिड़क रहे हैं तो आपके धान की खेत में पानी भरा होना चाहिए नहीं तो सरसों की खली काम नहीं करेगा ।
समय
सरसों की खली का छिड़काव धान रोपनी के बाद 15 से 30 दिन के अंदर कर देना चाहिए ।
सरसों की खाली के प्रयोग से धान की फसल में फायदे
1.सरसों की खाली में नाइट्रोजन और सल्फर की मात्रा होने के कारण अधिक कल और स्वस्थ पौधे विकसित होते हैं।
2.मिट्टी में सूक्ष्म जीवाणुओं की सक्रियता बढ़ती है जिससे दीर्घकालीन मिट्टी में उर्वरक शक्ति में सुधार होता है।
3.जड़ों में फफूंद और कीटों की खतरा कम होती है
सरसों की खाली धान की फसल के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करने वाली और रासायनिक खाद की विकल्प के रूप में भारत में और विश्व में पाए जाने वाली विश्व सुनिए पदार्थ है किसान भाई इसका प्रयोग करके अपनी फसल को पोषक तत्व से भरपूर एवं अपने खेत को उर्वरक बन सकते हैं आपको हमारा ब्लॉग कैसा लगा हमें जरूर बताएं
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